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सुख दुःख में आठो आवे है पारंपरिक
श्री कृष्ण
2690
उड़ जावा मोर बन के पारंपरिक
श्री कृष्ण
2691
प्यारो लागे बड़ो प्यारो लागे पारंपरिक
श्री कृष्ण
2692
ओढ़े लाल लाल चुनरी पारंपरिक
माता दुर्गा
2693
झुँझन वाली ने मैं आज पहनावा गजरो पारंपरिक
विष्णु भगवान
2694
गुरु जी कलम दवात हाथ तेरे पारंपरिक
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2695
पिया ने रंग डारी चुनरियाँ मोरी पारंपरिक
श्री कृष्ण
2696
आओ साई से ये दुआ मांगे पारंपरिक
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2697
लगाइयाँ मौजा ही मौजा लगाइयाँ मौजा ही मौजा पारंपरिक
माता दुर्गा
2698
शिरडी के साई बाबा मैं दुवार तुम्हारे आया पारंपरिक
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2699
सजन मेरा है बांके बिहारी पारंपरिक
श्री कृष्ण
2700
रग रग दे रोग मिटावे पारंपरिक
माता दुर्गा
2701
राधे कृष्णा नु समझा ले वाजा मार मार के पारंपरिक
श्री कृष्ण
2702
अग्रसेन महाराज जी तुम्हे लाखों प्रणाम पारंपरिक
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2703
कृष्ण बड़ा प्यारा लागे पारंपरिक
श्री कृष्ण
2704
सुन बजरंगी रे पारंपरिक
हनुमान जी
2705
ਜੋਗਣ ਮੈਂ ਹੋ ਗਈ ਚਿਮਟੇ ਵਾਲੇ ਸਾਈਆਂ पारंपरिक
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2706
मोपे करदो किरपा मोपे कर दो दया पारंपरिक
श्री कृष्ण
2707
हुई किरपा जो श्याम तेरी पारंपरिक
श्री कृष्ण
2708
साई साई कहते प्राण तन से निकले पारंपरिक
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2709
मैं बन के मोर रंगीला श्री यमुना तट पे जाऊ पारंपरिक
श्री कृष्ण
2710
मेरे पाप ही ज्यादा पुण्य है कम पारंपरिक
श्री कृष्ण
2711
गोरी को नंद म्हारे आँगण आज आयो पारंपरिक
श्री गणेश
2712
मेरा कोई न सहारा बिन तेरे सिद्ध बालक नाथ जी मेरे - तिलक राज ठाकुर
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