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श्याम मेरे मन में है श्याम मेरे तन में है
पारंपरिक
श्री कृष्ण
314
नैनो से अमृत बरसता भगतो के प्रतिपाल
पारंपरिक
श्री कृष्ण
315
तेरा श्याम कुंड भी छोटा पद जायेगा सरकार
पारंपरिक
श्री कृष्ण
316
इक तारा वाजदा जी हर दम गोविन्द गोविन्द केहन्दा
मीरा बाई
श्री कृष्ण
317
क्यों रूठ गई बृषभानु लल्ली
पारंपरिक
श्री कृष्ण
318
राधा जी के सनम पेड़ ऐसा कदम
पारंपरिक
श्री कृष्ण
319
मुझे वृन्दावन धाम बसाले रसिया
पारंपरिक
श्री कृष्ण
320
तू दवा दे हमे जा ज़हर
पारंपरिक
श्री कृष्ण
321
श्याम बुलावे राधा ना आवे
पारंपरिक
श्री कृष्ण
322
नैनों में श्याम समायो
पारंपरिक
श्री कृष्ण
323
सांवरियां सरकार मैं दरबार तेरे आया
पारंपरिक
श्री कृष्ण
324
अखियाँ हरी दर्शन की प्यासी
संत सूरदास
श्री कृष्ण
325
तेरी बिगड़ी बनेगी वृन्दावन जाने से
संत सूरदास
श्री कृष्ण
326
संवारे का भगतो ने ऐसा किया श्रृंगार है
पारंपरिक
श्री कृष्ण
327
दुःख दर्दों की मेरी कहानी
पारंपरिक
श्री कृष्ण
328
चिठियाँ नी आउंदियाँ मैनु तेरी चिठियाँ
पारंपरिक
श्री कृष्ण
329
साँची साँची बोल संवारा माहरे घरा कद आवे गो
पारंपरिक
श्री कृष्ण
330
तुम्हारी याद आती है
पारंपरिक
श्री कृष्ण
331
आओ रलमिल करीये श्रृंगार प्यारी राधा रानी दा
पारंपरिक
श्री कृष्ण
332
धन दोलत नही चाहिए मेरे साथ है खाटू श्याम
पारंपरिक
श्री कृष्ण
333
कैसी मुरलीया बजाई रे
पारंपरिक
श्री कृष्ण
334
परदे में रहने दो पर्दा ना हटाओ
पारंपरिक
श्री कृष्ण
335
मस्ती की होवे बरसात सांवरिया तेरे मंदिर में
पारंपरिक
श्री कृष्ण
336
काली कमली वाले दे नाल मैं ता मंग होई आ
पारंपरिक
श्री कृष्ण