कृपालु महाराज

पारंपरिक
श्री कृष्ण संत साहित्य Bhakt Shri Ram Kripalu Tripathi Bhakt
॥ पावन पाठ ॥

भक्तमाल | जगद्गुरू श्री कृपालु जी महाराज

असली नाम - श्री राम कृपालु त्रिपाठी

आराध्य - श्री राधा कृष्ण

जन्म - शरद पूर्णिमा, 5 अक्टूबर 1922

जन्म स्थान - ग्राम मनगढ़, जिला प्रतापगढ़

मृत्यु - 15 नवंबर 2013, गोलोक धाम दिल्ली

वैवाहिक स्थिति - शादीशुदा

पत्नी - श्रीमती पद्मा देवी

पिता - श्री ललिता प्रसाद त्रिपाठी

माता - श्रीमती भगवती देवी

संस्थापक - प्रेम मंदिर, वृन्दावन

❀ जगद्गुरु शंकराचार्य, जगद्गुरु निंबार्कचाय, जगद्गुरु रामानुजाचार्य एवं जगद्गुरु माधवाचार्य के 750 वर्षों बाद, यह जगद्गुरु उपाधि 14 जनवरी 1957 को वाराणसी शहर के भारत के काशी विद्वत परिषद द्वारा श्री कृपालु महाराज को प्रदान की गई थी।

सरल हिंदी भावार्थ एवं आध्यात्मिक महत्व

भक्तमाल | जगद्गुरू श्री कृपालु जी महाराज | असली नाम - श्री राम कृपालु त्रिपाठी | आराध्य - श्री राधा कृष्ण | जन्म - शरद पूर्णिमा, 5 अक्टूबर 1922 Bhaktamal | Jagadguru Shri Kripalu Ji Maharaj | Real Name - Shri Ram Kripalu Tripathi | Aaradhya - Shri Radha Krishna | Born - Sharad Purnima, 5 October 1922

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।