हित अंबरीश

पारंपरिक
श्री कृष्ण संत साहित्य Bhakt Hita Ambrish Bhakt
॥ पावन पाठ ॥

भक्तमालः हित अंबरीश

अन्य नाम - महाराज जी

गुरु - आचार्य श्री हित हरिवंशजी

आराध्य - राधा कृष्ण

जन्म - 9th अक्टूबर 1983

जन्म स्थान - हिसार, हरियाणा, भारत

वैवाहिक स्थिति: अविवाहित

भाषा - हिंदी, अंग्रेजी

प्रसिद्ध - आध्यात्मिक संत, भक्ति गायक

हित अंबरीशजी, वृंदावन, भारत से एक भारतीय आध्यात्मिक शिक्षक और उपदेशक हैं। वह अपने आध्यात्मिक व्याख्यानों और प्रवचनों के लिए जाने जाते हैं जो मुख्य रूप से भगवान कृष्ण को समर्पित है।

महाराज जी, बहुत कम उम्र में रामचरितमानस, श्रीमद् भागवत और गुरबानी जैसे ग्रंथों के एक उत्साही पाठक थे। उनका मानना ​​है कि रहस्यमय और जादुई "राधा" सर्वोच्च और परम भगवान हैं। अंबरीश जी "राधा-वल्लभ संप्रदाय" के प्रतिपादक हैं और आचार्य श्री हित हरिवंशजी के पदचिन्हों पर चल रहे हैं।

श्री हित अंबरीश जी एक प्रतिभाशाली वक्ता के रूप में पहचाने जाते हैं, वे "सेवा" को ईश्वरीय शक्ति के प्रति प्रेम का शुद्धतम रूप बताते हैं। वह एक प्रसिद्ध भजन गायक हैं जो की भगवान कृष्ण को समर्पित है।

सरल हिंदी भावार्थ एवं आध्यात्मिक महत्व

हित अंबरीश | Hita Ambrish

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।