धन घडी धन भाग्य हमारा रानी सती दादी भजन

सौरभ मधुकर
माँ गंगा आरती विविध भजन ganga
॥ पावन पाठ ॥

धन घडी धन भाग्य हमारा

दादी जी म्हारे घरा पधारया

करो सुआगत दादी को

करो सुआगत मैया को

चन्दन चौकी ल्याया जी

गंगा जल मंगवाया जी

बैठो म्हारी दादी जी

भगतां ने बुलवाया जी

धीरे धीरे चरण पखारो

मैया जी को आरती उतारो

करो सुआगत दादी को..करो सुआगत मैया को

धन घडी धन भाग्य हमारा

दादी जी म्हारे घरा पधारया

करो सुआगत दादी को

करो सुआगत मैया को

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इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।