क्षमा करो मेरी भूल हुई शनि देवा

पारंपरिक
शनि देव आरती शनि देव भजन shani
॥ पावन पाठ ॥

क्षमा करो मेरी भूल हुई शनि देवा,

हम आये तेरे दवार हम करे तेरी पुकार,

करे तन मन से तेरी सेवा,

क्षमा करो......

जीवन रथ का तू ही सारथी,

जन्म जन्म हो तेरी आरती,

हम आये तेरे दवार हम तेरी करे पुकार,

प्रभु तन मन से तेरी सेवा,

मेरी भूल हुई शनि देवा,

क्षमा करो......

अगाथ तेरी माया शक्ति संकट पीड़ा से दो मुक्ति,

हम आये तेरे दवार हम तेरी करे पुकार,

प्रभु तन मन से तेरी सेवा,

मेरी भूल हुई शनि देवा,

क्षमा करो......

अहंकार तो जल गया सारा तेरे बिना न मुझे कोई ना चारा,

हम आये तेरे दवार हम तेरी करे पुकार,

प्रभु तन मन से तेरी सेवा,

मेरी भूल हुई शनि देवा,

क्षमा करो......

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।