श्री गणेश रक्षा स्तोत्रम

पारंपरिक
श्री गणेश स्तोत्र गणेश भजन ganesh
॥ पावन पाठ ॥

जय गणेश जय गणेश, जय गणेश पाहिमाम,

जय गणेश जय गणेश, जय गणेश रक्षमाम l

जय गणेश जय गणेश, जय गणेश पाहिमाम,

जय गणेश जय गणेश, जय गणेश रक्षमाम,

जय गणेश जय गणेश, जय गणेश रक्षमाम l

मुदा करात्त मोदकं, सदा विमुक्ति साधकं,

कला धरा वतं सकं, विलासि लोक रक्षकम् l

अनाय कैक नायकं, विनाशिते भदैत्यकं,

नता शुभाशु नाशकं, नमामितं विनायकम् ll जय गणेश ll

नतेत राति भीकरं, नवो दितार्क भास्वरं,

नमत्सुरारि निर्जरं, नताधिका पदुद्धरम् l

सुरेश्वरं निधीश्वरं, गजेश्वरं गणेश्वरं,

महेश्वरं तमाश्रये, परात्परं निरन्तरम् ll जय गणेश ll

समस्त लोक शंकरं, निरस्त दैत्य कुँजरं,

दरे तरो दरं वरं वरे, भवक्त्र मक्षरम् l

कृपा करं क्षमा करं, मुदा करं यशस्करं,

मनस्करं नमस्कृतां, नमस्क रोमि भास्वरम् ll जय गणेश ll

अकिं चनार्ति मार्जनं, चिरन्त नोक्ति भाजनं,

पुरारि पूर्व नन्दनं, सुरारिगर्व चर्वणम् l

प्रपंच नाश भीषणं, धनंजयादि भूषणम्,

कपोल दान वारणं, भजे पुराण वारणम् ll जय गणेश ll

नितान्त कान्त दन्त कान्ति, मन्त कान्त कात्मजं,

अचिन्त्य रूप मन्तहीन, मन्त राय कृन्तनम् l

हृदन्तरे निरन्तरं, वसन्त मेव योगिनां,

तमेक दन्त मेवतं, विचिन्त यामि सन्ततम् ll जय गणेश ll

महा गणेश पंच रत्न, माद रेण योयानवहं,

प्रजल्पति प्रभात के, हृदि स्मरन् गणेश्वरम् l

अरोग ताम दोषतां, सुसाहितीं सुपुत्रतां,

समाहि तायुरष्ट भूति, मभ्यु पैति सोयाचिरात् ll जय गणेश ll

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।