श्री राधा मोहन श्याम शोभन अंग पट पीताम्बरं

पारंपरिक
महादेव आरती कृष्ण भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

श्री राधा मोहन श्याम शोभन, अंग पट पीताम्बरं ।

जयति जय जय, जयति जय जय, जयति श्री राधा वरं ॥

आरती आनदघन घनश्याम की अब कीजिये ।

कीजिये विनती हमें शुभ लाभ निश्चय दीजिये ॥

दीजिये निज भक्ति का वरदान श्री धर गिरिधरम ।

जयति जय जय, जयति जय जय, जयति श्री राधा वरं ॥

भाग्य दे हमको अभय शिव कामना कल्याण की ।

दे सुमति सुन्दर हमे सुन्दर सरस गुणगान की ॥

ज्ञान घन विज्ञान घन श्री भक्तवत्सल सुन्दरम ।

जयति जय जय, जयति जय जय, जयति श्री राधा वरं ॥

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।