उत्कल की पावन धरती पर इक धाम बड़ा मशहूर

सौरभ मधुकर
विष्णु भगवान आरती रानी सती दादी भजन vishnu
॥ पावन पाठ ॥

उत्कल की पावन धरती पर इक धाम बड़ा मशहूर

राणी सती दादी जी का मंदिर बिरमित्रापुर

उत्कल की पावन धरती पर इक धाम बड़ा मशहूर ॥

दिवाली दीपोत्सव की और फूलों की होली,

सिंधारा राणी सती का, होगी महा-आरती ।

शोभा-यात्रा की शोभा में आना सब जरूर,

राणी सती दादी जी का मंदिर बिरमित्रापुर

उत्कल की पावन धरती पर इक धाम बड़ा मशहूर ॥

अष्टम नारायणी नमो-नमो भजनोत्सव दादी का,

है स्वर्ण-जयंती बिरमित्रापुर दादी मंदिर का ।

भगतों पे किरपा बरसेगी मेरी दादी की भरपूर ।

राणी सती दादी जी का मंदिर बिरमित्रापुर

उत्कल की पावन धरती पर इक धाम बड़ा मशहूर ॥

है तीन-दिवसीय उत्सव दादीवालों के साथ,

सौरभ मधुकर गाएंगे भजन , हम करेंगे मंगल-पाठ,

राणी सती सेवा ट्रस्ट की फ़रियाद हुई मंजूर ।

राणी सती दादी जी का मंदिर बिरमित्रापुर

उत्कल की पावन धरती पर इक धाम बड़ा मशहूर ॥

भजन गायक - सौरभ मधुकर

भजन रचयिता - मधुकर

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।