चाओ वीरो सती दादी भजन | बग्गड़ नगरी प्यारी

पारंपरिक
माँ गंगा आरती विविध भजन ganga
॥ पावन पाठ ॥

बग्गड़ नगरी प्यारी,जहां दादी का दरबार,

दर्शन करले प्राणी,जीवन मिले ना बारम्बार |

सूरज की किरणे तेरी ज्योति जगाये,

चन्दा की किरणे तेरी आरती गाये |

टिम-टिम करते तारे,जैसे पायल की झंकार,

दर्शन करले प्राणी,जीवन मिले ना बारम्बार |

भगति तेरी है मईया गंगा की धारा,

शक्ति तेरी है मईया यमुना की धारा |

भक्ति-शक्ति के संगम में जीवन का उद्धार,

दर्शन करले प्राणी,जीवन मिले ना बारम्बार |

जल थल नभ सब तेरे सहारे,

ममतामयी माँ तुझको भगत पुकारे |

सुनले करुण पुकार मईया,करदे बड़ा पार,

दर्शन करले प्राणी,जीवन मिले ना बारम्बार |

अम्बे जगदम्बे काली नाम है तेरा,

कष्ट मिटाना सबका काम है तेरा |

सेवक गाये,धूम मचाये तेरी जय जैकार,

दर्शन करले प्राणी,जीवन मिले ना बारम्बार |

बग्गड़ नगरी प्यारी,जहां दादी का दरबार,

दर्शन करले प्राणी,जीवन मिले ना बारम्बार |

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।