आरती श्री डिग्गी वाले बाबा

संत तुलसीदास
हनुमान जी आरती हनुमान भजन hanuman
॥ पावन पाठ ॥

ॐ जय डिग्गी वाले नाथ हरे, देवा अंजनी के लाल हरे,

पीलीबंगा धाम विराजत, अनुपम रूप धरे......ॐ जय....

दक्षिण मूरत आपकी, भक्तो के कष्ट हरे,

तन सिंदूरी चोला, कुण्डल कर्ण पड़े.,

ॐ जय डिग्गी...................

गल मोतियन की माला, सिर पर मुकुट धरे,

पूनम ज्योत मे बाबा, भिन्न-भिन्न रूप धरे,

ॐ जय डिग्गी...................।।

कंचन थाल आरती, कुंकुम दीप सजे,

सुर-नर आरती उतारे, जय जयकार करे,

ॐ जय डिग्गी...................।।

झालर शंख नगाड़ा, सिर पर चंवर ढुरे,

नर-नारी दरशन को, आकर द्वार खड़े.....

ॐ जय डिग्गी...................।।

मोदक खीर चूरमा, नागर पान चढ़े,

सेवक भोग लगावत, सेवा नित्य करे.....

ॐ जय डिग्गी...................।।

श्री डिग्गी वाले बाबा की आरती, जो जन नित्य करे,

कहत भरतदास स्वामी, रटत तुलसीदास स्वामी, सब विधि काज सरे.....

ॐ जय डिग्गी...................।।

!! ॐ जय श्री डिग्गी वाले बाबा हनुमान जी ॐ !!

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।