नाम तेरे की ज्योति जगा के बाबा

पारंपरिक
श्री कृष्ण आरती बाबा बालक नाथ भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

नाम तेरे की ज्योति जगा के बाबा,

चरणों मे मन चित ला के बाबा,

सुन्दर तस्वीर तेरी मन मे बसाके,

लगाके सुरती जपूं मै तेरा नाम |

बाबा जी तेरी आरती करूँ मै सुबह श्याम ||

परम्पितामाहा प्रभु विधाता मेरे |

कष्ट हरो हे मुक्ति के दाता मेरे ||

अर्पण करूँ मै तुझे तन मन धन |

करो हाजरी मेरी यह परवान ||

गल मे सिंगी सोने, रंगियां जाटावा बाबा |

पैरों मे पऊए, सर सापों की शाया बाबा ||

सुन्दर से मुख से वारी वारी जाऊं बाबा |

बार बार करूँ परनाम ||

ऊँचे पहाड़ो मे तेरा दरबार बाबा |

करता है पूजा तेरी सारा संसार बाबा ||

बाजू पकड़ कर दिया लाखों को तार बाबा |

करे जो भी तेरा गुणगान ||

श्रद्धा के साथ तेरा रोट मै पकाया बाबा |

बड़ी ख़ुशी से तेरा भोग मै लगाया बाबा ||

सिंगी, चोली, पऊए तेरी भेंट मै चड़ाया बाबा |

मुक्ति का देदो वरदान ||

फूलों का हार सुन्दर तेरे लिए पिरोया बाबा |

तेरे दर्शन के लिए हुआ मै उदास बाबा ||

दोनों कर जोड़ करे अर्जी सरोया(कवि अथवा गायक) बाबा |

मेरा भी करो कल्याण ||

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।