अहिल्याबाई होल्कर

पारंपरिक
महादेव संत साहित्य Bhakt Ahilyabai Holkar Bhakt
॥ पावन पाठ ॥

भक्तमाल | अहिल्याबाई होल्कर

वास्तविक नाम - महारानी अहिल्या बाई होलकर

अन्य नाम - राजमाता अहिल्याबाई

आराध्य - भगवान शिव

गुरु - गौतमा बाई

जन्म - 31 मई 1725

जन्म स्थान - चोंडी

मृत्यु - 13 अगस्त 1795, इंदौर

वैवाहिक स्थिति: विवाहित

भाषा - मराठी, हिन्दी

पिता- मानकोजी शिंदे

माता - सुशीला शिंदे

पति - खंडेराव होलकर

प्रसिद्ध - होलकर वंश की उल्लेखनीय रानी एवं शासक

अहिल्याबाई होल्कर 1761 से 1795 तक मराठा साम्राज्य की महारानी थीं। वह एक शक्तिशाली और प्रभावशाली शासक थीं, जिन्होंने मराठा साम्राज्य का विस्तार करने और अपनी प्रजा के जीवन को बेहतर बनाने में मदद की।

अहिल्याबाई एक बुद्धिमान और योग्य शासक थीं। उन्होंने नए क्षेत्रों पर विजय प्राप्त करके और अपने दुश्मनों को हराकर मराठा साम्राज्य का विस्तार किया। उन्होंने सड़कों, मंदिरों और अन्य सार्वजनिक निर्माण परियोजनाओं का निर्माण करके अपनी प्रजा के जीवन में सुधार किया। वह एक कट्टर हिंदू भी थीं और उन्होंने कई मंदिरों और अन्य धार्मिक संस्थानों का निर्माण कराया।

अहिल्याबाई होल्कर एक उल्लेखनीय महिला थीं जिन्होंने भारत के इतिहास में महत्वपूर्ण योगदान दिया। उन्हें आज भी भारतीय इतिहास की सबसे महान महिलाओं में से एक के रूप में याद और सम्मान किया जाता है।

सरल हिंदी भावार्थ एवं आध्यात्मिक महत्व

अहिल्याबाई होल्कर | Ahilyabai Holkar

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।