दिखा रहे हैं 24 भजन (पृष्ठ 752 / 5665, कुल 135,942 भजनों में से)
18025
जय शनि देव महाराज दया हम पर रखिये
पारंपरिक
महादेव
18026
हजारों हैं रूप हज़ारो है नाम
पारंपरिक
महादेव
18027
और मंज़िल केदारनाथ हो
पारंपरिक
महादेव
18028
भोले का बन कर देख जरा
पारंपरिक
महादेव
18029
मैंने झोली फैलाई है मैया
पारंपरिक
माता दुर्गा
18030
माँ तू ही नज़र आए
पारंपरिक
माता दुर्गा
18031
सांवरिया सरकार मेरा बन गया रिश्तेदार
पारंपरिक
श्री कृष्ण
18032
मोरछड़ी के झाड़े की क्या बात है
पारंपरिक
श्री कृष्ण
18033
आजा बाबा आजा
पारंपरिक
श्री कृष्ण
18034
राखी मैं बना के रखड़ी
पारंपरिक
माता दुर्गा
18035
हार गया हूँ मैं खाटूवाले
पारंपरिक
श्री कृष्ण
18036
श्याम मोरछड़ी लहरादे सारे संकट कट जाए
पारंपरिक
श्री कृष्ण
18037
दरबार तेरा सांवरे छूटे कभी नहीं
पारंपरिक
श्री कृष्ण
18038
तुम मोरी राखो लाज हरी
पारंपरिक
श्री कृष्ण
18039
अर्पण तुझे मेरे जीवन के हर क्षण
पारंपरिक
श्री कृष्ण
18040
मारी कुलदेवी ने घणा घणा ओलमा सा
पारंपरिक
माता दुर्गा
18041
अति कटे देर लगाई है माँ
पारंपरिक
माता दुर्गा
18042
साडी झोंपड़ी च सतगुरू फेरा पा
पारंपरिक
अन्य
18043
मेरे दातिया होली हम तेरे संग मनाए
पारंपरिक
विष्णु भगवान
18044
सतगुरू के दर्शन कर लो
पारंपरिक
अन्य
18045
होली खेलेगे परमहंस दयाल से
पारंपरिक
अन्य
18046
श्यामा के दरबार आई रे होली
पारंपरिक
श्री कृष्ण
18047
मेरे गुराँ ने पिलाई मैनु होश ना रही
पारंपरिक
अन्य
18048
आओ मिलकर चलेंगे वृन्दावन धाम
पारंपरिक
श्री कृष्ण