दिखा रहे हैं 24 भजन (पृष्ठ 481 / 5665, कुल 135,942 भजनों में से)
11521
जगत सेठ है सांवरिया हारे का सहारा है
पारंपरिक
श्री कृष्ण
11522
सच्चे मन से जो ध्याता है
पारंपरिक
श्री कृष्ण
11523
खाटू वाले मनै जरुरत तेरी सै
पारंपरिक
श्री कृष्ण
11524
मेरे बाबा तू मुझको लगा ले गले
पारंपरिक
हनुमान जी
11525
किसने सजाया तेरा भवन
पारंपरिक
माता दुर्गा
11526
जमुना किनारे मेरा गाँव
पारंपरिक
श्री कृष्ण
11527
काल पापियों का बन आई आज कालका माई
पारंपरिक
माता दुर्गा
11528
नवा गौरा वरम नवा पुष्पा सारम
पारंपरिक
श्री कृष्ण
11529
तुझे है शौक मिलने का
पारंपरिक
अन्य
11530
ऎसी म्हारी प्रीत निभावज्यो जी
पारंपरिक
श्री राम
11531
साड्डी प्रीत निमाणी है
पारंपरिक
अन्य
11532
चाबियाँ दा गुच्छा
पारंपरिक
माता दुर्गा
11533
मंदिर में उड़े रे ग़ुलाल
पारंपरिक
श्री कृष्ण
11534
गुरु मोहे अपना रूप दिखाओ
पारंपरिक
अन्य
11535
ठंडाई की ग्लाससा
पारंपरिक
श्री कृष्ण
11536
है भगवान तेरी माया का भेद समझ ना आया
पारंपरिक
श्री कृष्ण
11537
तेरी पयाल बाजे माँ जब छम छम
पारंपरिक
माता दुर्गा
11538
मेरी जीत भी तू मेरी हार भी तू
पारंपरिक
श्री कृष्ण
11539
जब से मथुरा मे मेरा आना जाना हुआ
पारंपरिक
श्री कृष्ण
11540
मैया को भोग चडाऊ गी
पारंपरिक
माता दुर्गा
11541
बाबा मेरी नैया को
पारंपरिक
अन्य
11542
भगतां वजाइयाँ ताड़ियाँ
पारंपरिक
माता दुर्गा
11543
शेरों पे हो के सवार
पारंपरिक
माता दुर्गा
11544
पुजारिया वे बूहे खोल दे
पारंपरिक
माता दुर्गा