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1081
साई नाम साई नाम पारंपरिक
अन्य
1082
दुःख की नैया पार लगाओ एह मेरे बजरंग बलि पारंपरिक
हनुमान जी
1083
बाबा थारो प्यार खाटू खींच लेयावे रे पारंपरिक
श्री कृष्ण
1084
जिस घर में रामायण की चर्चा होती रहती है पारंपरिक
हनुमान जी
1085
जय जय अग्रसेन महाराज सौरभ मधुकर
अन्य
1086
चले है बाला जीवन में झीका बजाये पारंपरिक
श्री कृष्ण
1087
मेरा जीवन तेरे हवाले पारंपरिक
श्री कृष्ण
1088
जागो हे साई नाथ कहा सो गये हो तुम पारंपरिक
अन्य
1089
तू देकर भूलने वाला मै हर पल हाथ फैलाऊं पारंपरिक
श्री कृष्ण
1090
बोलो श्री राम जी की जय जय पारंपरिक
हनुमान जी
1091
आंख्या उडीके थाने सावरा पारंपरिक
श्री कृष्ण
1092
तुम्हे कसम है भगवा वालो पारंपरिक
श्री राम
1093
मंगल को जन्मे मंगल ही करते मंगल मई हनुमान पारंपरिक
हनुमान जी
1094
गूंज रहा बंगाल में जय श्री राम का नारा पारंपरिक
श्री राम
1095
जिसपे हो नज़रिया वो निहाल हो जाये - सकल देव साहनी
माता दुर्गा
1096
फूंक दिया रे सोने की लंका पारंपरिक
हनुमान जी
1097
भगवा रंग का चोला पारंपरिक
अन्य
1098
वीरो के वीर बजरंग बलि पारंपरिक
हनुमान जी
1099
गंगा मियां तू सब की पीड़ मिटा देना पारंपरिक
महादेव
1100
तेरे एहसान का बदला चुकाया जा नहीं सकता पारंपरिक
श्री कृष्ण
1101
मुझे चरणों से लगाले ऐ श्याम खाटू वाले पारंपरिक
श्री कृष्ण
1102
जहां हर कोई है दीवाना मेरे बांके बिहारी का चित्र विचित्र
श्री कृष्ण
1103
सांवरा है तो मुमकिन हैं पारंपरिक
श्री कृष्ण
1104
मेरी माँ के लंगर वीर पारंपरिक
हनुमान जी