दिखा रहे हैं 24 भजन (पृष्ठ 455 / 5665, कुल 135,942 भजनों में से)
10897
सुना है तारे है तुमने लाखों,
पारंपरिक
श्री कृष्ण
10898
तेरे लाला ने ब्रज रजखाई
पारंपरिक
श्री कृष्ण
10899
हम मोड़ने चले हैं
पारंपरिक
अन्य
10900
तेरा नाम लेकर करू
पारंपरिक
श्री कृष्ण
10901
जय वृहस्पति देवा
पारंपरिक
विष्णु भगवान
10902
न मैं धाम धरती न धन चाहता हूँ
पारंपरिक
श्री कृष्ण
10903
की बड़यायियाँ तेरियाँ मेरे सतगुरु जी ओ
पारंपरिक
अन्य
10904
सुंदरकाण्ड का पाठ करो मन इच्छा फल पा लो
पारंपरिक
हनुमान जी
10905
तेरा मैं गुलाम हो गया
पारंपरिक
श्री कृष्ण
10906
झूले पार्वती जगदम्बा
पारंपरिक
महादेव
10907
महादेवा भोले का साथ हो
पारंपरिक
महादेव
10908
जगदीश ज्ञानदाता सुख मूल
पारंपरिक
विष्णु भगवान
10909
सब की सुनने वाले भोले मेरी तो सुनता नहीं
पारंपरिक
महादेव
10910
गोविंदा गोपाला मुरली मनोहर नंदलाला
पारंपरिक
श्री कृष्ण
10911
आज मैया यशोदा के द्वार
पारंपरिक
श्री कृष्ण
10912
प्रेम का धागा तुमसे बांधा
पारंपरिक
श्री कृष्ण
10913
खाटू जाने को जब मेरा मन बावरा ललचाता
पारंपरिक
श्री कृष्ण
10914
मुझे जीने का शौक नहीं जीता हूँ खाटू आने को
पारंपरिक
श्री कृष्ण
10915
शिव की बारात आई रे
पारंपरिक
महादेव
10916
अयोध्या धाम है यही
पारंपरिक
श्री राम
10917
चर्चा जिनकी करता है सारा जहान
पारंपरिक
हनुमान जी
10918
देवों में देव निराला बाबा ये खाटू वाला
पारंपरिक
श्री कृष्ण
10919
मेरी गई भैंस पानी में ते तो पड़ा विराजे से
पारंपरिक
श्री कृष्ण
10920
खटक मेरे बाबा की
पारंपरिक
हनुमान जी