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सुना है तारे है तुमने लाखों, पारंपरिक
श्री कृष्ण
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तेरे लाला ने ब्रज रजखाई पारंपरिक
श्री कृष्ण
10899
हम मोड़ने चले हैं पारंपरिक
अन्य
10900
तेरा नाम लेकर करू पारंपरिक
श्री कृष्ण
10901
जय वृहस्पति देवा पारंपरिक
विष्णु भगवान
10902
न मैं धाम धरती न धन चाहता हूँ पारंपरिक
श्री कृष्ण
10903
की बड़यायियाँ तेरियाँ मेरे सतगुरु जी ओ पारंपरिक
अन्य
10904
सुंदरकाण्ड का पाठ करो मन इच्छा फल पा लो पारंपरिक
हनुमान जी
10905
तेरा मैं गुलाम हो गया पारंपरिक
श्री कृष्ण
10906
झूले पार्वती जगदम्बा पारंपरिक
महादेव
10907
महादेवा भोले का साथ हो पारंपरिक
महादेव
10908
जगदीश ज्ञानदाता सुख मूल पारंपरिक
विष्णु भगवान
10909
सब की सुनने वाले भोले मेरी तो सुनता नहीं पारंपरिक
महादेव
10910
गोविंदा गोपाला मुरली मनोहर नंदलाला पारंपरिक
श्री कृष्ण
10911
आज मैया यशोदा के द्वार पारंपरिक
श्री कृष्ण
10912
प्रेम का धागा तुमसे बांधा पारंपरिक
श्री कृष्ण
10913
खाटू जाने को जब मेरा मन बावरा ललचाता पारंपरिक
श्री कृष्ण
10914
मुझे जीने का शौक नहीं जीता हूँ खाटू आने को पारंपरिक
श्री कृष्ण
10915
शिव की बारात आई रे पारंपरिक
महादेव
10916
अयोध्या धाम है यही पारंपरिक
श्री राम
10917
चर्चा जिनकी करता है सारा जहान पारंपरिक
हनुमान जी
10918
देवों में देव निराला बाबा ये खाटू वाला पारंपरिक
श्री कृष्ण
10919
मेरी गई भैंस पानी में ते तो पड़ा विराजे से पारंपरिक
श्री कृष्ण
10920
खटक मेरे बाबा की पारंपरिक
हनुमान जी