दिखा रहे हैं 24 भजन (पृष्ठ 345 / 5665, कुल 135,942 भजनों में से)
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तेरी पनाह में आया मुझे पनाह तो दे
पारंपरिक
श्री कृष्ण
8258
मैं तो वृंदावन को जाऊ
पारंपरिक
श्री कृष्ण
8259
मेरे भोले का रूप
पारंपरिक
महादेव
8260
लौटा दो मेरा संवारा
पारंपरिक
श्री कृष्ण
8261
करता रहूँ गुणगान मुझे दो ऐसा वरदान
पारंपरिक
श्री कृष्ण
8262
अपने भगतो के घर गए थे गिरधर
पारंपरिक
श्री कृष्ण
8263
मैं तो ढूंढ रही थी गली
पारंपरिक
श्री कृष्ण
8264
जिनके हिरदे में है सिया राम
पारंपरिक
हनुमान जी
8265
खाटू वाले के दर पे कमाल हो गया
पारंपरिक
श्री कृष्ण
8266
गजानन रे गजानना
पारंपरिक
श्री गणेश
8267
बोल सांचे दरबार की जय जय
पारंपरिक
माता दुर्गा
8268
वाह रे वाह रे हनुमान जी
पारंपरिक
हनुमान जी
8269
सारी दुनिया में भजता मेरे भोले का डंका
पारंपरिक
महादेव
8270
मैं केवल तुम्हारे लिए गा रही हु
पारंपरिक
श्री कृष्ण
8271
राधा रानी झूल रही थी
पारंपरिक
श्री कृष्ण
8272
ढूंडा सारा गाओ हो
पारंपरिक
श्री कृष्ण
8273
मोहब्बत हो गई तुमसे सावरे श्याम जाने क्यों
पारंपरिक
श्री कृष्ण
8274
राम जैसा नगीना नही
पारंपरिक
श्री राम
8275
श्याम का नाम रटो
पारंपरिक
श्री कृष्ण
8276
जो बैठे बॉर्डर पे बाबा
पारंपरिक
श्री कृष्ण
8277
मैं हरियाणे का जाट बाबा
पारंपरिक
श्री कृष्ण
8278
गणपति मेरे देवा घर में पधारो
पारंपरिक
श्री गणेश
8279
अयोध्या नाथ से जा कर पवनसुत हाल केह देन
पारंपरिक
हनुमान जी
8280
मधुर मुरली बजाते हैं कृष्ण कन्हैया
पारंपरिक
श्री कृष्ण