दिखा रहे हैं 24 भजन (पृष्ठ 339 / 5665, कुल 135,942 भजनों में से)
8113
माटी के पुतले सीता राम सीता राम बोल रे
पारंपरिक
श्री राम
8114
दर्शन दो घनश्याम नाथ मोरी अखियाँ प्यासी रे
पारंपरिक
श्री कृष्ण
8115
लडुआ के लाने मचल गाओ रे
पारंपरिक
श्री गणेश
8116
हे बरसाने वाली राधे हम पे किरपा बरसा दो
पारंपरिक
श्री कृष्ण
8117
मैं ता कुंज गली विच टोला
पारंपरिक
श्री कृष्ण
8118
तेरी बंदगी में बीते ये जिन्दगी हमारी
पारंपरिक
श्री कृष्ण
8119
दही की मटकियाँ में डारो काहे हाथ है
पारंपरिक
श्री कृष्ण
8120
श्री कृष्ण की किरपा से उधार हो गया है
पारंपरिक
श्री कृष्ण
8121
भानु भवन चल देवो री वधाई
पारंपरिक
श्री कृष्ण
8122
श्याम भरोसे नाव् मेरी
पारंपरिक
श्री कृष्ण
8123
तेरा द्वार नहीं छोड़ा
पारंपरिक
श्री कृष्ण
8124
रोज सारे गम हमारे दूर करता कौन है
पारंपरिक
श्री कृष्ण
8125
यही तमना हर प्रेमी की
पारंपरिक
श्री कृष्ण
8126
मालिक है जब तू ही मेरा किस से आस लगाऊ
पारंपरिक
श्री कृष्ण
8127
हेठ बोहद दे खड़के रत्नो ने अवाज़ा मारिआ
पारंपरिक
अन्य
8128
बुलाता सब को खाटू धाम
पारंपरिक
श्री कृष्ण
8129
मोरछड़ी जद लहरावे
पारंपरिक
श्री कृष्ण
8130
है आपके हाथों में
पारंपरिक
महादेव
8131
करते है दिल से सेवा मेरे गणपति देवा
पारंपरिक
श्री गणेश
8132
सांवरिया हुआ मैं तो तुझमे मगन
पारंपरिक
श्री कृष्ण
8133
सुन हे शिव के लाला गोरी मईया के दुलारे
पारंपरिक
श्री गणेश
8134
मंगल तू करता दुखड़े तू हरता
पारंपरिक
श्री गणेश
8135
आव सखी देखा गणपत घूमे है
पारंपरिक
श्री गणेश
8136
थे म्हारे घरा आया धन्यवाद दादीसा
पारंपरिक
अन्य