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बोल हरी बोल हरी हरी हरि बोल, केशव माधव गोविन्द बोल
पारंपरिक
श्री कृष्ण
7250
मेरे दाता के दरबार में है सब का खाता
संत सूरदास
अन्य
7251
सेवा म्हारी मानो गणपती
पारंपरिक
श्री गणेश
7252
राणोजी करमाँ रो संगाती राणा कोई भी नहीं
पारंपरिक
महादेव
7253
कुसंगत मे जाये मत ना
संत कबीर
अन्य
7254
करो मन गुरु चरना को ध्यान
पारंपरिक
महादेव
7255
लागेयो लक्ष्मण जी के बाण
लखबीर सिंह लक्खा
हनुमान जी
7256
एक डोर लग जाऊंगा गुराजी थारे, शरणा पड्या रहूँगा
पारंपरिक
माँ गंगा
7257
जबान जैसी मीठी जगत में जबान जैसी खारी क्या
संत कबीर
अन्य
7258
कोई मेरा क्या करैगा रे
संत कबीर
श्री राम
7259
आओ वीर हनुमान देवता सारे
पारंपरिक
हनुमान जी
7260
धुणो तपे राम को होवे कोई बड़ भागी
संत कबीर
श्री राम
7261
जद म्हारा सतगुरु रीझे रै मायला
संत कबीर
अन्य
7262
अजमलजी न दर्शन दीन्हा कृष्ण मिल्या समुन्द्र माही
पारंपरिक
श्री कृष्ण
7263
हरी न रूणीचो बसायो प्रभु न रुणीचो बसायो
पारंपरिक
अन्य
7264
लेतो जा ज्ये रै बीरां लेतो जा ज्ये बाई सुगणा बाई रा बीरां हो संदेशो म्हारो लेतो जा ज्ये
पारंपरिक
माता दुर्गा
7265
तूने जितना किया माँ कोई नहीं करता
सौरभ मधुकर
माता दुर्गा
7266
आज्या मनमोहन मिरां मेड़तनी बुलावे
पारंपरिक
श्री कृष्ण
7267
रुसेड़ा भक्तां न सांवरीयो मना रयों
पारंपरिक
श्री कृष्ण
7268
कळप मत काछब कुड़ी ए रमय्ये री बाता रूडी ए
पारंपरिक
श्री कृष्ण
7269
सत्य ना छोड़ा धर्म ना छोड़ा राज पाठ सब छोड़ दिया
पारंपरिक
विष्णु भगवान
7270
तिरलोकी रो नाथ जाट घर रह गयो हाळी रे
पारंपरिक
श्री कृष्ण
7271
गणेश आया रिद्धि सिद्धि ल्याया भरया भण्डारा रहसी ओ राम
पारंपरिक
श्री गणेश
7272
राजा भरथरी से अरज करे
पारंपरिक
अन्य