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छोड़ बैकुंठ को खाटू में श्याम आये हैं पारंपरिक
श्री कृष्ण
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तेरे बिना हमतो कुछ भी नहीं है पारंपरिक
श्री कृष्ण
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मेलो श्याम धनि को लागे भगतो पारंपरिक
श्री कृष्ण
4852
गजबण खाटू नै चाली पारंपरिक
श्री कृष्ण
4853
श्याम तेरी तिरछी नजर कमाल रे पारंपरिक
श्री कृष्ण
4854
राम का नाम लेकर जो मर जायेंगे पारंपरिक
श्री राम
4855
श्याम सिंघासन हिलता है पारंपरिक
श्री कृष्ण
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ढ़ोल वजावांगे पारंपरिक
माता दुर्गा
4857
जो मुझमें बोलता है मैं नहीं हूँ पारंपरिक
अन्य
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आजा रे आजा मेरे सांवरियां पारंपरिक
श्री कृष्ण
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जय हो डमरू वाले पारंपरिक
महादेव
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बाबा बनवाड़े खाटू में घर परमानेंट पारंपरिक
श्री कृष्ण
4861
श्री हनुमान स्तवन पारंपरिक
हनुमान जी
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दिल तो प्यारा है मगर दिल से भी प्यारा तू है पारंपरिक
श्री कृष्ण
4863
मैं बड़ी दूर ते आयी,मैं हरियाणा ते आयी भीमसेन जी
श्री कृष्ण
4864
कोई और नही है सहारा -विजय डिडवानिया
श्री कृष्ण
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कोई पकड़ के मेरा हाथ रे मोहे वृन्दावन पहुंच देओ पारंपरिक
श्री कृष्ण
4866
कदे बनके परोना आ श्यामा पारंपरिक
श्री कृष्ण
4867
जबसे खाटू में हम आने जाने लगे पारंपरिक
श्री कृष्ण
4868
हाल सुनलो मेरा तुम अगर सँवारे पारंपरिक
श्री कृष्ण
4869
अपना कोई नहीं अपना तो श्याम संवारा पारंपरिक
श्री कृष्ण
4870
आया फागुन का त्यौहार पारंपरिक
श्री कृष्ण
4871
तू थोड़ी जल्दी आ तू लीले चढ़ के आ पारंपरिक
श्री कृष्ण
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हिन्डो तो घला दयो पारंपरिक
अन्य