दिखा रहे हैं 24 भजन (पृष्ठ 195 / 5665, कुल 135,942 भजनों में से)
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डुब्बी होई तर जाएगी पारंपरिक
अन्य
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मैं तेरे बिना कमली होई तू दरश दिखा दे दातिए मास्टर सलीम
माता दुर्गा
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हरी नाम सुमर सुखधाम जगत पारंपरिक
श्री कृष्ण
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म्हाने जाम्भोजी दीयो उपदेश पारंपरिक
अन्य
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हे दयामय आप ही संसार के आधार हो पारंपरिक
श्री राम
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कैसे जियु बिन तेरे सहारे पारंपरिक
श्री राम
4663
मांग ले कन्हियान से ये सब को ही देता है पारंपरिक
श्री कृष्ण
4664
सरस सुपावन शक्ति हे तेजोमयी पारंपरिक
माता दुर्गा
4665
जय श्री वल्लभ जय श्री विट्ठल संत सूरदास
श्री कृष्ण
4666
ले चल अपने नागरियाँ बांके बिहारी सांवरियां पारंपरिक
श्री कृष्ण
4667
क्यों दुःख करू इस बात का पारंपरिक
अन्य
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रखियां बंधालो भैया सावन आया रे पारंपरिक
श्री राम
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भारत के लिए भगवन का एक वरदान है पारंपरिक
माता दुर्गा
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राखे सब की लाज पारंपरिक
श्री कृष्ण
4671
दया करो हे दयालु भगवन पारंपरिक
श्री कृष्ण
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श्याम तो पे वारी वारी जाऊं मैं पारंपरिक
श्री कृष्ण
4673
मैं रहु या न रहु भारत ये रहना चाहिए पारंपरिक
अन्य
4674
हे नाथ संभालो अब मुझको पारंपरिक
अन्य
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दादी के मंगल में मिल पारंपरिक
महादेव
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मैं हरि पतित पावन सुने पारंपरिक
श्री कृष्ण
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श्याम तेरी एसी खटक लागी छोड़ घर खाटू में आगी पारंपरिक
श्री कृष्ण
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किसने तुझको सजाया सांवरे मेरे श्याम पारंपरिक
श्री कृष्ण
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सांवरिये दीदार तेरा पाने आए हैं पारंपरिक
श्री कृष्ण
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प्रबल प्रेम के पाले पड़ कर पारंपरिक
श्री कृष्ण