दिखा रहे हैं 24 भजन (पृष्ठ 191 / 5665, कुल 135,942 भजनों में से)
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आ पहुंचे दरबार बाबा जी तेरे
पारंपरिक
अन्य
4562
माई रतनो
पारंपरिक
अन्य
4563
मेहरा वाला मीह वरसाई माई मेरिये
पारंपरिक
माता दुर्गा
4564
प्रभु प्रेम बनाये रखना
पारंपरिक
श्री कृष्ण
4565
हुकुम फरमाओ सांवरिया खड़ा हूँ सामने तेरे
पारंपरिक
श्री कृष्ण
4566
शिव सुमिरन से सुबहो शुरू हो शिव मंदिर में शाम
पारंपरिक
महादेव
4567
वो है संवारा मुरली वाला है
पारंपरिक
श्री कृष्ण
4568
तेरा भगत हार कर के तेरा दर पे आया है
पारंपरिक
श्री कृष्ण
4569
आज अयोध्या में उस्तव निराला
पारंपरिक
हनुमान जी
4570
मेरे खाटू वाले श्याम मैं तेरा हो जाऊ
पारंपरिक
श्री कृष्ण
4571
मधुकर श्याम हमारे चोर
संत सूरदास
श्री कृष्ण
4572
बाला जी बड़े पावर फूल है
पारंपरिक
हनुमान जी
4573
मैया तेरा बना रहे दरबार
पारंपरिक
माता दुर्गा
4574
जोगन साई की जोगन
पारंपरिक
अन्य
4575
दर से तुम्हारे कोई जाये न खाली माँ शेरोंवाली
कुमारी कृतिका खरे
माता दुर्गा
4576
सांवरियां मन भाया रे
पारंपरिक
श्री कृष्ण
4577
मेरी माँ के लंगर वीर उठा कुर वीर लंगर वीर
पारंपरिक
हनुमान जी
4578
जगन्मात जगदम्बे तेरे जयकारे
पारंपरिक
माता दुर्गा
4579
जिहना ने करवाया जगराता ओहना नु नचना पैना है
पारंपरिक
माता दुर्गा
4580
सर्वेश्वरी जय जय जगदीश्वरी माँ
पारंपरिक
माता दुर्गा
4581
मेरी मैया तेरे गुण गावा
पारंपरिक
माता दुर्गा
4582
अर्जी मेरी कब पड़ोगे सँवारे तुम बता दो न
पारंपरिक
श्री कृष्ण
4583
ये मेरा मन एक सागर है
पारंपरिक
अन्य
4584
आपको ही आसरो है
-स्वामी सदानन्द जोधपुर
माता दुर्गा