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आभास दो कुछ मुझे पास तुम हो ना पारंपरिक
श्री कृष्ण
410
लट उलझी सुलझा जा रे मोहन पारंपरिक
श्री कृष्ण
411
सांवरियां के सेवक है हम पारंपरिक
श्री कृष्ण
412
मै हौ कै दीवनी नाचूँ चुनरीया पारंपरिक
श्री कृष्ण
413
मेरे पौणाहारी जिनके करीब होते है पारंपरिक
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414
कब शिरडी मुझे भुलाओगे पारंपरिक
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415
जोगी जी मैं क्यों गबराऊ पारंपरिक
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416
इस झोली पे छाप लगी है तेरे झुँझन धाम की पारंपरिक
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417
तुहियो सोहना सोहना मेरे जोगियां पारंपरिक
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418
घूम रहा नीले चढ़ के पारंपरिक
श्री कृष्ण
419
गुरु बिन कौन बतावे बाट संत कबीर
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420
साड़ी पूरी किती आस पारंपरिक
माता दुर्गा
421
जबसे निहारा रूप तुम्हारा पारंपरिक
श्री कृष्ण
422
आ श्यामा घर मेरे तू पारंपरिक
श्री कृष्ण
423
साई तेरा ही हमको सहारा है पारंपरिक
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424
ला दे दतेया वे अपने नाम वाली मेहँदी पारंपरिक
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425
जिथे अम्बे माँ दी ज्योत जगदी पारंपरिक
माता दुर्गा
426
सौगात करोडो की देदे मेरे हाथो में पारंपरिक
अन्य
427
सब मसले हो गये हल मेरे लड़ जद दा जोगी दा फड़ेया है पारंपरिक
अन्य
428
रतनो माई किस्मत वाली जोगी घर में आये पारंपरिक
माता दुर्गा
429
जादूगर पे जादू डारा हमारी राधा रानी ने कृष्ण दास भूटानी
श्री कृष्ण
430
बोल के जय कारा पौणाहारी दर जाईदा पारंपरिक
अन्य
431
हो रही जय जय कार जोगियां पारंपरिक
अन्य
432
मोर सवारी पारंपरिक
अन्य