दिखा रहे हैं 24 भजन (पृष्ठ 1494 / 5665, कुल 135,942 भजनों में से)
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आदियोगी - दूर उस आकाश की गहराइयों में पारंपरिक
महादेव
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विष्णुप्रिया लक्ष्मी - कंचन कलश विराजे वंदना संत तुलसीदास
माता लक्ष्मी
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माँ मुरादे पूरी करदे हलवा बाटूंगी पारंपरिक
माता दुर्गा
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वाणी की देवी - हंस वाहिनी सोहे अमृत पद गुरु नानक देव जी
माता सरस्वती
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हे गिरधर गोपाल लाल तू आजा मोरे आँगना पारंपरिक
श्री कृष्ण
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मधुसूदन चक्रपाणि - सकल जग पालनहार पद संत रविदास
विष्णु भगवान
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दिखा दे थारी सुरतियाँ पारंपरिक
श्री कृष्ण
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सविता देव - अर्घ्य समर्पण वंदना संकीर्तन संत तुकाराम
सूर्य देव
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ऊँचे ऊँचे पहाड़ो पे, मैया जी का बसेरा है पारंपरिक
माता दुर्गा
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न्यायाधीश शनि महाराज - दया दृष्टि शनि स्वामी विनय पद अब्दुर्रहीम ख़ानख़ाना
शनि देव
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नाम तेरा दुर्गे मैया हो गया पारंपरिक
महादेव
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पतितपावनी माँ गंगा - शिव जटा वासिनी भजन पारंपरिक भजन
माँ गंगा
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जय श्री वल्लभ, जय श्री विट्ठल, जय यमुना श्रीनाथ जी पारंपरिक
श्री कृष्ण
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बरसाने की राधा रानी - लाडली जू कृपा रस पद मीरा बाई
अन्य
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बैठी पहाड़ों में माँ शारदा तेरी महिमा का क्या कहना संत सूरदास
माता दुर्गा
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कमलनयन श्याम - चितवन अति प्यारी भजन संत सूरदास
श्री कृष्ण
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डोंट वरी मईया है पास खड़ी पारंपरिक
माता दुर्गा
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सीतापति राम - भवभय तारनहार कीर्तन संत कबीर
श्री राम
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कृपा की न होती जो, आदत तुम्हारी पारंपरिक
श्री कृष्ण
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महाकाल शंभू - भस्म विभूषित रूप संकीर्तन संत तुलसीदास
महादेव
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जिसको जीवन में मिला सत्संग है संत तुलसीदास
श्री कृष्ण
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वीर बजरंगी - लक्ष्मण प्राण बचैया विनय पद गुरु नानक देव जी
हनुमान जी
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प्रभु के चरणों से सच्चा प्यार मीरा बाई
श्री कृष्ण
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चामुंडा देवी - ज्योति स्वरूप माता मंगल गान संत रविदास
माता दुर्गा