दिखा रहे हैं 24 भजन (पृष्ठ 1468 / 5665, कुल 135,942 भजनों में से)
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राम दरबार है जग सारा
पारंपरिक
श्री राम
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भालचंद्र विनायक - रिद्धि सिद्धि दाता विनय पद
संत रविदास
श्री गणेश
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मेरी लगती न हरि बिन अंखियां
पारंपरिक
श्री कृष्ण
35212
विष्णुप्रिया लक्ष्मी - कंचन कलश विराजे अमृत पद
संत तुकाराम
माता लक्ष्मी
35213
माँ बड़ी दयानी है मेरी जगदम्बा
पारंपरिक
माता दुर्गा
35214
विद्या प्रदायिनी भारती - हंस वाहिनी सोहे आराधना
अब्दुर्रहीम ख़ानख़ाना
माता सरस्वती
35215
मईया जी से होगा मिलन धीरे धीरें
पारंपरिक
माता दुर्गा
35216
मधुसूदन चक्रपाणि - सकल जग पालनहार वंदना
पारंपरिक भजन
विष्णु भगवान
35217
मेरी शेरावाली मां, बदलती तकदीरे
पारंपरिक
माता दुर्गा
35218
आदित्य सूर्यनारायण - सकल जीव प्राण विनय पद
मीरा बाई
सूर्य देव
35219
मेरे सर पे चुनरिया लहराएगी, मैया आएगी
पारंपरिक
माता दुर्गा
35220
न्यायाधीश शनि महाराज - तेल दीप प्रज्वलन भजन
संत सूरदास
शनि देव
35221
बड़े मान से जमाना, माँ तुमको पूजता है
पारंपरिक
महादेव
35222
पतितपावनी माँ गंगा - निर्मल पावन अमृत धार कीर्तन
संत कबीर
माँ गंगा
35223
मेरे उठे विरह में पीर
संत सूरदास
श्री कृष्ण
35224
दत्तात्रेय प्रभु अवधूत - सकल मनोरथ पूरण वंदना
संत तुलसीदास
अन्य
35225
तड़पता है तेरा ये दास संभालो
पारंपरिक
श्री कृष्ण
35226
कमलनयन श्याम - चितवन अति प्यारी कीर्तन
गुरु नानक देव जी
श्री कृष्ण
35227
हम हाथ उठा कर कहते है हम हो गए खाटू वाले के
पारंपरिक
श्री कृष्ण
35228
कौशल्या नंदन - मंगल भवन रूप स्तुति
संत रविदास
श्री राम
35229
श्रीषङ्गोस्वाम्यष्टकम् (Sri Sad-Goswamyastakam)
पारंपरिक
श्री कृष्ण
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विश्वनाथ डमरूवाले - भस्म विभूषित रूप विनय पद
संत तुकाराम
महादेव
35231
मेरे संग संग चलती
पारंपरिक
माता दुर्गा
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अंजनी का लाला - दीनबंधु दया कीजै भजन
अब्दुर्रहीम ख़ानख़ाना
हनुमान जी