दिखा रहे हैं 24 भजन (पृष्ठ 1461 / 5665, कुल 135,942 भजनों में से)
35041
तेरे दरशन को गणराजा, तेरे दरबार आए है
पारंपरिक
श्री गणेश
35042
श्याम धणी खाटूवाले - तीन बाण धारी प्रभु मंगल गान
संत कबीर
अन्य
35043
मंगल मूर्ति रूप लेकर गणपति जी आ गए
पारंपरिक
महादेव
35044
हरि गोविंदा - पावन प्रेम रस विनय पद
संत तुलसीदास
श्री कृष्ण
35045
विनती सुनलो मेरे गणराज
पारंपरिक
श्री गणेश
35046
रघुपति राघव - अवधपुरी आनंद भजन
गुरु नानक देव जी
श्री राम
35047
मैं तो आई वृन्दावन धाम, किशोरी तेरे चरनन में
पारंपरिक
श्री कृष्ण
35048
रुद्र अवतारी - महाकाल दरबार स्तुति
संत रविदास
महादेव
35049
गणपति की सेवा मंगल मेवा
पारंपरिक
माता दुर्गा
35050
अंजनी का लाला - राम काज आतुर संकीर्तन
संत तुकाराम
हनुमान जी
35051
गोपी गीत - जयति तेऽधिकं जन्मना (Gopi Geet - Jayati Te Dhikam Janmana)
पारंपरिक
श्री कृष्ण
35052
नवदुर्गा कल्याणी - ज्योति स्वरूप माता आराधना
अब्दुर्रहीम ख़ानख़ाना
माता दुर्गा
35053
रामायण मनका 108 - नामवली (Namavali: Ramayan Manka 108)
पारंपरिक
श्री कृष्ण
35054
वक्रतुण्ड महाकाय - लड्डुअन भोग सेवा संकीर्तन
पारंपरिक भजन
श्री गणेश
35055
गाइये गणपति जगवंदन
संत तुलसीदास
श्री राम
35056
विष्णुप्रिया लक्ष्मी - धन धान्य समृद्धि वंदना
मीरा बाई
माता लक्ष्मी
35057
आज सजे हैं मेरे घर के द्वारे आज विनायक मेरे आँगन पधारे
पारंपरिक
श्री गणेश
35058
श्वेतवसना ब्राह्मणी - करुणा अविरल धारा अमृत पद
संत सूरदास
माता सरस्वती
35059
राम नाम के हीरे मोती
पारंपरिक
श्री कृष्ण
35060
मधुसूदन चक्रपाणि - पीतांबर अति सोहे पद
संत कबीर
विष्णु भगवान
35061
दुख हर्ता बनके, सुखकर्ता बनके, चले आना
पारंपरिक
श्री कृष्ण
35062
प्रत्यक्ष देव दिवाकर - तिमिर विदारण तेज संकीर्तन
संत तुलसीदास
सूर्य देव
35063
आते जाते हुए गुनगुनाया करो
पारंपरिक
श्री कृष्ण
35064
न्यायाधीश शनि महाराज - कष्ट निवारण ध्यान विनय पद
गुरु नानक देव जी
शनि देव