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मुझे साई नाम का सरूर है पारंपरिक
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मेरा सोया नसीब जगा सैयां पारंपरिक
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3051
चली जी भोले की बारात है पारंपरिक
महादेव
3052
चलो देख आये री राजा राम की नगरियाँ पारंपरिक
श्री राम
3053
धूम मची धूम साई के आँगन में पारंपरिक
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3054
मेरे सर पे झुंझनवाली चुनरिया डाल के रखती है सौरभ मधुकर
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3055
सुबह सुबह की बाला जी मेरी राम राम लेले पारंपरिक
हनुमान जी
3056
ठाकुर प्रियकांत के संग में जाए पारंपरिक
श्री कृष्ण
3057
रंग तेरा चढ़ेया है पारंपरिक
श्री कृष्ण
3058
वे वृन्दावन रेहन वालेया पारंपरिक
श्री कृष्ण
3059
तुम रूठ गई राधे हम तुमको मना लेंगे पारंपरिक
श्री कृष्ण
3060
नाचत कुदत चलि आई माँ काली पारंपरिक
महादेव
3061
साईं चरणों में अपने लगा लेना पारंपरिक
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3062
होरी आयी रे श्याम मेरी सुध लीजो पारंपरिक
श्री कृष्ण
3063
जो कुछ भी होगा पारंपरिक
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3064
यह बंदा तेरे चरणों का दास रहे पारंपरिक
श्री कृष्ण
3065
मोपे नैनं में बतराये रसियां फागुन में पारंपरिक
श्री कृष्ण
3066
रंग डारी में तो आज सँवरिया ने पारंपरिक
श्री कृष्ण
3067
रस बरसे रसीली चितवन में पारंपरिक
श्री कृष्ण
3068
श्याम ने पकड लई भईया पारंपरिक
श्री कृष्ण
3069
बरस दिन में आयो गोरी होरी पारंपरिक
श्री कृष्ण
3070
वृन्दावन की कुञ्ज गली में फाग खेल रहे वनवारी पारंपरिक
श्री कृष्ण
3071
वृन्दावन की कुञ्ज गली में पारंपरिक
श्री कृष्ण
3072
लगवायेले तनक गुलाल गोरे गालन पे पारंपरिक
श्री कृष्ण