माँ नारायणी महामंत्र श्री रानी सती महामंत्र

सौरभ मधुकर
विष्णु भगवान मंत्र रानी सती दादी भजन vishnu
॥ पावन पाठ ॥

ओम श्री रानी सत्ये नमः

दादी दिव्ये नमो नमः

झुंझनू वासिनी नमो नमः

माँ नारायणी नमोस्तुते

संकट हारिणि नमो नमः

कष्ट निवारिणी नमो नमः

माँ भवतारिणी नमो नमः

माँ नारायणी नमोस्तुते

हे जगजननी नमो नमः

कामना पुरनि नमो नमः

सौम्य रूपणी नमो नमः

माँ नारायणी नमोस्तुते

तनधन संगिनी नमो नमः

सर्व वन्दिनी नमो नमः

गुरसामल नंदिनी नमो नमः

माँ नारायणी नमोस्तुते

हे परमेश्वरी नमो नमः

त्रिपुर सुंदरी नमो नमः

हे विश्वेश्वरि नमो नमः

माँ नारायणी नमोस्तुते

दुर्गा रूपेण नमो नमः

लक्ष्मी रूपेण नमो नमः

विद्या रूपेण नमो नमः

माँ नारायणी नमोस्तुते

आदि अनादि नमो नमः

हे सती दादी नमो नमः

सकल कलादी नमो नमः

माँ नारायणी नमोस्तुते

शक्ति स्वरूपा नमो नमः

हे भवभूपा नमो नमः

अनंत अनूपा नमो नमः

माँ नारायणी नमोस्तुते

सुरधाम निवासिनी नमो नमः

हे अविनाशिनी नमो नमः

दैत्य विनाशिनी नमो नमः

माँ नारायणी नमोस्तुते

अति सुखदायिनी नमो नमः

करुणानयिनी नमो नमः

हे वरदायिनी नमो नमः

माँ नारायणी नमोस्तुते

झड़चंद संघारिणी नमो नमः

हे सत धारिणी नमो नमः

माँ भयहारिणी नमो नमः

माँ नारायणी नमोस्तुते

मंगल करनी नमो नमः

अमंगल हरनी नमो नमः

अभयावरणी नमो नमः

माँ नारायणी नमोस्तुते

हे ब्रम्हाणी नमो नमः

कमलारानी नमो नमः

जगकल्याणी नमो नमः

माँ नारायणी नमोस्तुते

हे सुखराशि नमो नमः

माँ अविनाशी नमो नमः

मृदु सुहासी नमो नमः

माँ नारायणी नमोस्तुते

शैलपुत्री नमो नमः

ब्रम्हचारिणी नमो नमः

चंद्रघंटा नमो नमः

माँ नारायणी नमोस्तुते

माँ कुष्मांडा नमो नमः

स्कंदमाता नमो नमः

हे कात्यायनी नमो नमः

माँ नारायणी नमोस्तुते

कालरात्रि नमो नमः

हे महागौरी नमो नमः

शिद्धिदात्री नमो नमः

माँ नारायणी नमोस्तुते

हे कुलदेवी नमो नमः

भक्तवत्सला नमो नमः

आनंद रूपेण नमो नमः

माँ नारायणी नमोस्तुते

अमर सुहागन नमो नमः

हे बडभागन नमो नमः

पतित पावनि नमो नमः

माँ नारायणी नमोस्तुते

राणा पूजिता नमो नमः

हे अपराजिता नमो नमः

भुवनवन्दिता नमो नमः

माँ नारायणी नमोस्तुते

ओम श्री रानी सत्ये नमः

दादी दिव्ये नमो नमः

झुंझनू वासिनी नमो नमः

माँ नारायणी नमोस्तुते

संपर्क - +919831258090 / +919830608619

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।