जीवन का निष्कर्ष

संत तुलसीदास
श्री राम कथा राम भजन ram
॥ पावन पाठ ॥

जीवन का निष्कर्ष यही है प्रभु प्रेम में लग जाना ।

आ ही गये तो बैठो प्यारे रामकथा सुनकर जाना ॥

कथा प्रेम की पावन गंगा निर्मल बहती जाए

भक्ति भाव की शीतल लहरें अंत: तक लहराए

कुछ बातें है सुनने लायक कुछ बातें गुनकर जाना ॥

उत्तम बने विचार यही मतलब है रामकथा का

पर पीड़ा का मन में हो आभास व्यथा का

कुल परिवार ओड़ ले प्यारे वह चादर बुनकर जाना ॥

तुलसीदास भगीरथ बन के जप तप किए अभंगा

तब जाकर मानस से निकली परम पावनी गंगा

रामकथा सागर में प्यारे तिरते तिरते तर जाना ॥

द्वारा : योगेश तिवारी

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।