आज तो सखी म्हारी जाऊँ बलिहारा

संत रविदास
श्री राम कथा गुरुदेव भजन ram
॥ पावन पाठ ॥

आज तो सखी म्हारी जाऊँ बलिहारा |टेर|

उत्तम भया आँगना पवित्र भई भावना |

राम रा भगत होय राम गुण ||1||

कथा कथने संत अर्थ विचारे |

खुद तरे रे वे तो औरन को तारे ||2||

कर रे दंडोवत गुरु रा चरण पखारु |

तन मन धन म्हारा गुरुसा पर वारु ||3||

केवे रविदास संतो भला ही पधारिया |

जनम जनम रा म्हारा दुखडा काटीया||4||

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।