मेरा मन कैलाश करो

पारंपरिक
महादेव श्लोक शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

मेरा मन कैलाश करो,

भोले शंकर क्रिपा करो,

दुनिया के बंधन से,

मुझको मुक्त करो.....

मेरा मन कैलाश करो,

भोले शंकर क्रिपा करो,

दुनिया के बंधन से,

मुझको मुक्त करो....

मुझसे पढ़ा ना जाए,

श्लोक कठिन कोई,

मुझसे लिखा ना जाए,

गीत कठिन कोई....

मेरे मन में जो है,

नाथ उसे समझो,

मेरे मन में जो है,

नाथ उसे समझो....

मेरा मन कैलाश करो,

भोले शंकर क्रिपा करो,

दुनिया के बंधन से,

मुझको मुक्त करो....

विपदा कोई भी आये,

साथ मेरे रहना,

जैसे जटा में गंगा,

साथ मेरे बहना....

मेरे संग ही रहो,

दूर कभी ना हो,

मेरे संग ही रहो,

दूर कभी ना हो....

मेरा मन कैलाश करो,

भोले शंकर क्रिपा करो,

दुनिया के बंधन से,

मुझको मुक्त करो....

दुनिया के बंधन से,

मुझको मुक्त करो,

दुनिया के बंधन से,

मुझको मुक्त करो....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।