ये है शनि कथा मेरे बाई

पारंपरिक
माता दुर्गा कथा शनि देव भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

ये है शनि कथा मेरे बाई ओ मेरे बंधू सुन राजा,

करो शनि देव की घर में पूजा

तेज परतापी सूर्य पिता और सोरने जैसी माता,

छे बहनो का शनि लाडला यम जैसा था भराता,

ये है शनि कथा मेरे बाई ओ मेरे बंधू सुन राजा,

करो बाल शनि की घर में पूजा

सूर्ये तेज से शनि देव ने महाशक्ति को पाया ,

आधी पथ के लिए शनि ने बल का खेल दिखाया,

ये है शनि कथा मेरे बाई ओ मेरे बंधू सुन राजा,

करो शनि देव की घर में पूजा

शंकर ने जो शनि देव को ऐसा दिया वरदान रे,

सूर्ये देव के समान तू भी हो जाएगा महान रे ,

ये है शनि कथा मेरे बाई ओ मेरे बंधू सुन राजा,

करो शनि देव की घर में पूजा

ऐसी शनि की अगात महिमा जग में डंका भाजे,

सर्व श्रेष्ठ है देव शनेश्वर ग्रह मंगल में विराजे,

ये है शनि कथा मेरे बाई ओ मेरे बंधू सुन राजा,

करो शनि देव की घर में पूजा

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।