हरि सुमिरन करो

पारंपरिक
श्री कृष्ण कथा कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

हरि हरि, हरि हरि, सुमिरन करो,

हरि चरणारविन्द उर धरो ..

हरि की कथा होये जब जहाँ,

गंगा हू चलि आवे तहाँ ..

हरि हरि, हरि हरि, सुमिरन करो ...

यमुना सिंधु सरस्वती आवे,

गोदावरी विलम्ब न लावे .

सर्व तीर्थ को वासा तहाँ,

सूर हरि कथा होवे जहाँ ..

हरि हरि, हरि हरि, सुमिरन करो ...

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।