हरो ॐ नमः शिवाय शिव शम्भू का महामंत्र है

पारंपरिक
महादेव मंत्र शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

ॐ नमः शिवाय हरी ॐ नमः शिवाय

शिव संभु का महामंत्र है मुक्ति का उपाय

जब जब डोले जीवन नैया, शिव की महिमा गावो

सारे जग के वो है खिवैया, शिव की शरण में आवो

संकट छाये कष्ट रुलाये जब जब जी घबराये,

कहो ॐ नमः शिवाये ...

सबसे प्यारे सबसे न्यारे बाबा भोले भाले है

भांग धतूरे की मस्ती में रहते मस्त निराले हैं

बम बम भोले कहते जावो जी दम आये जाये,

हरी ॐ नमः शिवाय...

आधा चंद माथे सोहे गाल सर्पो की माला है

तेज धारी के तेज़ से पाए सूरज चाँद उजाला

डम डम बोले शिव का डमरू सातो स्वर दोहराये,

हरी ॐ नमः शिवाय...

विपता आई राम पे भारी शिव शंकर का जाप किया

बजरंगी की शक्ति बनकर राम का शिव ने साथ दिया

रामेश्वर की पूजा करके राम यही फरमाये

हरी ॐ नमः शिवाय...

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।