हे शिवशंकर हे करुणाकर हे परमेश्वर परमपिता

पारंपरिक
महादेव मंत्र शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

हे शिवशंकर हे करुणाकर हे परमेश्वर परमपिता

हर हर भोले नमः शिवाय नमः शिवाय ओम नमः शिवाय

१.) हे शिव शम्भू संकटहर्ता विघ्नविनाशी मंगलकर्ता

जिस पर होवे कृपा तुम्हारी पल में विपदा दूर हो सारी

तुम सुखसागर हे जगदीश्वर

२.) देवादिदेवा जय महादेवा सुर नर मुनि सब करते हैं सेवा

नमः शिवाय मंत्र पंचाक्षर जिसने जपा खुश हो गए उस पर

तुम हो दयालु हे भोलेश्वर

३.) बम बम भोले डमरू बोले तुमने द्वार दया के खोले

जो भी आया शरण तुम्हारी रक्षक बन गए तुम त्रिपुरारी

त्रिशूलधर हे महाकालेश्वर

४.) ब्रह्मा विष्णु ध्यान लगावे वेड पूर्ण शस्त्र यश गावे

गिरिजापति अनन्त अविनाशी आनंददाता विश्वप्रकाशी

तुम सर्वेश्वर हे सोमेश्वर

५.) पूजन किये श्रीराम तुम्हारा लंका जीती रावण मारा

दीनानाथ प्रभु सुखदाता अवढरदानी भाग्यविधाता

तुम रामेश्वर हे भक्तेश्वर

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।