श्री शाकम्भरी माता महामंत्र

सौरभ मधुकर
महादेव मंत्र दुर्गा भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

माँ ब्रह्माणी नमो नमः

हे रुद्राणी नमो नमः

सकराय वासिनी नमो नमः

शाकम्भरी माँ नमोस्तुते

मात सताक्षी नमो नमः

दुर्गम विनाशी नमो नमः

हे सुख-राशि नमो नमः

शाकम्भरी माँ नमोस्तुते

संकट हारिणि नमो नमः

कष्ट निवारिणी नमो नमः

माँ भव तारिणी नमो नमः

शाकम्भरी माँ नमोस्तुते

हे जग जननी नमो नमः

कामना पूर्णि नमो नमः

सौम्य रूपणी नमो नमः

शाकम्भरी माँ नमोस्तुते

हे परमेश्वरी नमो नमः

त्रिपुर सुंदरी नमो नमः

हे विश्वेश्वरि नमो नमः

शाकम्भरी माँ नमोस्तुते

दुर्गा रूपेण नमो नमः

लक्ष्मी रूपेण नमो नमः

विद्या रूपेण नमो नमः

शाकम्भरी माँ नमोस्तुते

भुवन वंदिनी नमो नमः

द्वारा निकन्दिनि नमो नमः

सिंह वाहिनी नमो नमः

शाकम्भरी माँ नमोस्तुते

शक्ति-स्वरूपा नमो नमः

हे भव-भूपा नमो नमः

अनन्त अनूपा नमो नमः

शाकम्भरी माँ नमोस्तुते

अति सुख दायिनी नमो नमः

करुणा नयनी नमो नमः

हे वर दायनी नमो नमः

शाकम्भरी माँ नमोस्तुते

मंगल करनी नमो नमः

अमंगल हरणी नमो नमः

अभया वरणी नमो नमः

शाकम्भरी माँ नमोस्तुते

सुर धाम निवासिनी नमो नमः

हे अविलासिनि नमो नमः

दैत्य विनाशिनी नमो नमः

शाकम्भरी माँ नमोस्तुते

शैल पुत्री नमो नमः

ब्रह्म-चारिणी नमो नमः

चन्द्रघंटा नमो नमः

शाकम्भरी माँ नमोस्तुते

माँ कुष्मांडा नमो नमः

स्कन्द माता नमो नमः

हे कात्यायिनी नमो नमः

शाकम्भरी माँ नमोस्तुते

कालरात्रि नमो नमः

हे महागौरी नमो नमः

सिद्धिदात्री नमो नमः

शाकम्भरी माँ नमोस्तुते

हे करुणामयी नमो नमः

हे ममतामयी नमो नमः

भक्त-वत्सला नमो नमः

शाकम्भरी माँ नमोस्तुते

माँ ब्रह्माणी नमो नमः

हे रुद्राणी नमो नमः

सकराय वासिनी नमो नमः

शाकम्भरी माँ नमोस्तुते

भजन गायक - सौरभ मधुकर

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।