चलो चले अमरनाथ शिव धाम वहां शम्भू मिलेगे

पारंपरिक
महादेव कथा शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

भोले शंकर का लेके नाम,

चलो चले अमरनाथ शिव धाम वहां शम्भू मिलेगे

यहाँ भोले नाथ ने समाधि लगाई,

अमर कथा माता गोरा को सुनाई,

यहाँ बनते है बिगड़े काम,

चलो चले अमरनाथ शिव धाम वहां शम्भू मिलेगे

बिल पत्र दूध शिवलिंग पे चढ़ाओ,

अमरनाथ के सभी दर्शनों को जाओ,

वहां खुशियां मिलेंगे तमाम

चलो चले अमरनाथ शिव धाम वहां शम्भू मिलेगे

देवो के देव महादेव जटा धारी,

कमल नैन नीलकंठ भोले भंडारी,

पूजा होती जहा सुबहो शाम,

चलो चले अमरनाथ शिव धाम वहां शम्भू मिलेगे

कैलाश बही है वही है हिमाला ,

भोले नाथ का यह सूंदर शिवाला,

यहां दर्शी करे परनाम,

चलो चले अमरनाथ शिव धाम वहां शम्भू मिलेगे

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।