भोले तुम्हारी करूँ जय जयकार

पारंपरिक
महादेव मंत्र शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

भोले तुम्हारी करूँ जय जयकार,

तेरे सिवा कोई नाम नही,

भोले तुम्हारी करूँ जय जयकार

कल्याण कारी तुम हो जगत के स्वामी,

तेरे बिना सुबहो शाम नही,

भोले तुम्हारी करूँ जय जयकार

नित मंत्र जपु तेरा ध्यान धरु,

होठो पे तेरा नाम हर दम शिव शिव हो,

सत्य कर्म करू कुछ अर्ण करू,

मेरे तो चारो धाम प्रभु हर हर बम बम गाऊ,

हे त्रिपुरारी त्रिशूल धारी दुनिया में तेरे बिन मान नही,

भोले तुम्हारी करूँ जय जयकार

जल स्वच भरू अभिशेक करू,

तेरे ही शुभ धाम प्रभु पल पल दर्शन हो,

सोमीश कहू महेश कहू नैनो में तेरे रूप प्रभु,

शन शन विच रन हो,

हे शिव दानी त्रिशूल पानी तुझसा कोई दया वान नही,

भोले तुम्हारी करूँ जय जयकार

कुछ भूल करू अपराज करू ना करू

अभिमान प्रभु यदि तुम संग संग हो,

कुछ रीत करू अनुरीत करू लवो पे एक गान प्रभु जय जय शिव हो,

मैं हु भिखारी तेरा पुजारी,

और कोई अरमान नही ,भोले तुम्हारी करूँ जय जयकार

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।