गजानन आओ पधारो म्हारे आंगणे

पारंपरिक
हनुमान जी मंत्र रानी सती दादी भजन hanuman
॥ पावन पाठ ॥

गजानन आओ पधारो म्हारे आंगणे ,

आंगणे...आंगणे...आंगणे,

म्हारी दादी जी को लाग्यो है दरबार गजानन

आओ पधारो म्हारे आंगणे ,

थे आज्यो रिद्धि सिद्धि ने ल्याज्यो ,

पार्वती को लाल,

प्रथम निमंत्रण दियो आपणे ,

कर लीज्यो स्वीकार ,

गौरा पार्वती नै , हो शंकर पार्वती नै ,

गौरा पार्वती नै लेता आज्यो साथ गजानन

आओ पधारो म्हारे आंगणे ,

खाटू वाले श्याम धणी नै सागे लेता आज्यो ,

हनुमान ने सालासर सै बेगा बेगा ल्याज्यो ,

ल्याज्यो रामदेव नै , हो ल्याज्यो रामदेव नै ,

ल्याज्यो रामदेव नै रुनीचै से साथ गजानन ,

आओ पधारो म्हारे आंगणे ,

जीण माता शाकम्भरी माँ राणी सती नै ल्याज्यो ,

घर का देव पितर पितरानी जिणे भूल ना जाज्यो ,

लेता आज्यो म्हारी,

हो लेता आज्यो म्हारी कुलदेवी नै साथ गजानन ,

आओ पधारो म्हारे आंगणे ,

गजानन आओ पधारो म्हारे आंगणे ,

आंगणे...आंगणे...आंगणे,

म्हारी दादी जी को लाग्यो है दरबार गजानन

आओ पधारो म्हारे आंगणे.

Singer - Madhuri Madhukar

Contact - 0918902154970

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।