शनि शिंगणापुर से मेरा भाग

पारंपरिक
शनि देव मंत्र शनि देव भजन shani
॥ पावन पाठ ॥

शनि शिंगणापुर से मेरा भाग खुल गया रे,

जादू हो गया रे कैसा जादू हो गया रे,

बचपन से सुनता आया शनि की कहानी रे,

आज मुझे याद आई अमृत की वाणी रे,

सपने में कोई मुझे मंत्र दे गया रे,

जादू हो गया रे कैसा जादू हो गया,

जाग उठा मैं तो लगी दर्शन की आस रे,

शनि रूप देखु गा तो भुजे गई प्यास रे,

जीवन में ऐसा शुभ दिन तो आ गया रे,

जादू हो गया रे कैसा जादू हो गया रे,

पौहंच गया मंदिर तो गाई शनि प्राथना,

समाधि की अवस्था में डूभ गई भावना,

अपनी धुन में मगन हुआ होश खो गया रे,

जादू हो गया रे कैसा जादू हो गया रे,

आशीर्वाद देके मुझे शनि ने उठाया,

मेरे मन की शरधा से भगति को लुटाया,

हाथो में पुण्य का परशाद मिल गया रे,

जादू हो गया रे कैसा जादू हो गया रे,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।