बाबा तेरी अमर कथा वेदो ने बखानी है

पारंपरिक
श्री कृष्ण कथा खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

बाबा तेरी अमर कथा वेदो ने बखानी है,

मैं दर का भिखारी हु तू तो शीश का दानी है

मैं हार गया जग से सुन ले नीले वाले,

अब साहा नहीं जाये पैरो में पड़े छाले,

मैं हु निर्बल बाबा तू तो बलवानी है,

मैं दर का भिखारी हु तू तो शीश का दानी है

अब कैसे लाज बचे कोई न हमारा है,

मारो या पुचकारो ये दास तुम्हरा है,

अब तेरे हवाले मेरी सारी ज़िंदगानी है,

मैं दर का भिखारी हु तू तो शीश का दानी है

दर दर ठोकर खा के आया तेरे द्वारे,

खाली झोली मेरी कुछ पास नहीं माहरे,

टप टप के मेरी आँखों से पानी है,

मैं दर का भिखारी हु तू तो शीश का दानी है

तेरा दास दविंदर तो घुट घुट के जीता है,

तेरा शीश दान बाबा बड़ा पराम् पुनीता है,

अभिशेख ने लिख डाली ये तरुण कहानी है,

मैं दर का भिखारी हु तू तो शीश का दानी है

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।