जय जय घज देवा रखियो मोरी लाज जी

पारंपरिक
श्री गणेश मंत्र गणेश भजन ganesh
॥ पावन पाठ ॥

रख मणि मंत्र आप को मेरे पूरण कीजियो काज जी,

जय जय घज देवा रखियो मोरी लाज जी,

जय हो जय गणपति तेरी जय हो गणेश

गोरा माँ के लाल हो गनपत भगतो के लज पाल हो गनपत,

भगत तुम्हारी शरण में आये करियो बेडा पार जी,

जय जय घज देवा रखियो मोरी लाज जी,

कण कण में प्रभु वास है तेरा,कोई कहे भप्पा कोई कहे देवा,

लक्की शेखावत गुण तेरे गाये देवो के तुम सरताज जी,

जय जय घज देवा रखियो मोरी लाज जी,

घजमुख सुंदर रूप सुहावे देव मुख सोहना सब मन भावे,

बल भुधि के तुम हो दाता देवो में देव महान जी,

जय जय घज देवा रखियो मोरी लाज जी,

गायक लक्की शेखावत 9463501003

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।