चलो अमर नाथ चलिये

पारंपरिक
महादेव कथा शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

कट चुके चौरासी सब दी जून सफल हो जानी,

चलो अमर नाथ चलिये सुनिए शिव तो अमर कहानी,

शिव शंकर ने माँ गोरा न जद ये कथा सुनाई,

बैठे सी दो पंक्षी ओथे मुक्ति जिह्ना ने पाई

मैं सुनिया है आज भी उड़ दे फिरदे ओह पुरानी,

चलो अमर नाथ चलिये सुनिए शिव तो अमर कहानी,

अमर कहानी सुनन लई शिव चरनी ध्यान लगाया,

रह ना जाये बात अधूरी भूल के अख न लायो,

एथे ला के सूट देयो चादर जो सुपनेया दी थानी,

चलो अमर नाथ चलिये सुनिए शिव तो अमर कहानी,

जे भोले दी किरपा होगी खुल जो दसम द्वारा,

तेरा फिर जलबेहड़ा वालेया होजु पार उतारा,

रोम रोम रज जाऊ सफी जब शिव शंकर दी वाणी,

चलो अमर नाथ चलिये सुनिए शिव तो अमर कहानी,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।