भगवान गणेश के 32 नाम (32 Namavali of Bhagwan Ganesh)

पारंपरिक
श्री गणेश मंत्र Mantra 32 Names Of Bhagwan Ganesha Mantra
॥ पावन पाठ ॥

भगवान गणेश के 32 नाम | भगवान गणेश की द्वात्रिंश नामावली

बाला गणपति - ॐ बाला गणपतये नमः।

तरूण गणपति - ॐ तरूणाये नमः।

भक्ति गणपति - ॐ भक्ति गणपतये नमः।

वीरा गणपति - ॐ वीरा गणपतये नमः।

शक्ति गणपति - ॐ शक्ति गणपतये नमः।

द्विज गणपति - ॐ द्विज गणपतये नमः।

सिद्धि गणपति - ॐ सिद्धि गणपतये नमः।

उच्छिष्ट गणपति - ॐ उच्छिष्ट गणपतये नमः।

विघ्न गणपति - ॐ विघ्न गणपतये नमः।

क्षिप्रा गणपति - ॐ क्षिप्रा गणपतये नमः।

हेरम्बा गणपति - ॐ हेरम्बा गणपतये नमः।

लक्ष्मी गणपति - ॐ लक्ष्मी गणपतये नमः।

महागणपति - ॐ महागणपतये नमः।

विजया गणपति - ॐ विजया गणपतये नमः।

नृत्य गणपति - ॐ नृत्य गणपतये नमः।

उर्ध्व गणपति - ॐ उर्ध्व गणपतये नमः।

एकाक्षर गणपति - ॐ एकाक्षर गणपतये नमः।

वर गणपति - ॐ वर गणपतये नमः।

त्र्यक्षर गणपति - ॐ त्रिअक्षर गणपतये नमः।

क्षिप्र प्रसाद गणपति - ॐ क्षिप्र प्रसाद गणपतये नमः।

हरिद्रा गणपति - ॐ हरिद्रा गणपतये नमः।

एकदंत गणपति - ॐ एकदंत गणपतये नमः।

सृष्टि गणपति - ॐ सृष्टि गणपतये नमः।

उद्दंड गणपति - ॐ उद्दंड गणपतये नमः।

ऋणमोचन गणपति - ॐ ऋणमोचन गणपतये नमः।

ढुंढि गणपति - ॐ ढुंढि गणपतये नमः।

द्विमुख गणपति - ॐ द्विमुख गणपतये नमः।

त्रिमुख गणपति - ॐ त्रिमुख गणपतये नमः।

सिंह गणपति - ॐ सिंह गणपतये नमः।

योग गणपति - ॐ योग गणपतये नमः।

दुर्गा गणपति - ॐ दुर्गा गणपतये नमः।

संकटहर - ॐ संकटहरा गणपतये नमः।

॥ दोहा ॥

॥ इति श्री गणेशाद्वात्रिंश नामावलिः सम्पूर्णा ॥

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।