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1441
शिव डमरू वाले का दरबार निराला है ll
पारंपरिक
महादेव
1442
ओ मेरे भोले बाबा पलका उघाड़ो
पारंपरिक
महादेव
1443
जय जय महाकाल की कालो के काल की
पारंपरिक
महादेव
1444
सुनले फरियाद शेरावाली
पारंपरिक
महादेव
1445
श्याम छलिया कि मुझे चाल बड़ी प्यारी लगे
पारंपरिक
महादेव
1446
तेरी जय हो ज्वाला माई रे
पारंपरिक
महादेव
1447
ओम सुन्दरम ओंकार सुन्दरम
पारंपरिक
महादेव
1448
सबकी मनोकामना पूरी करो बाबा भोलेनाथ
पारंपरिक
महादेव
1449
चारों धामों में विराजे भगवान
पारंपरिक
महादेव
1450
काशी नगरी से आए है शिव शंकर
पारंपरिक
महादेव
1451
सोने लगदे ने नागा वाले हार भोल्या
पारंपरिक
महादेव
1452
एक दिन पार्वती कहने लगी भोले से
पारंपरिक
महादेव
1453
भोले जी तनक सो काम हमारो
पारंपरिक
महादेव
1454
भोले की दीवानी है मां पार्वती
पारंपरिक
महादेव
1455
और घोटो भोलेनाथ भंगिया और घोटो
पारंपरिक
महादेव
1456
मेरे शंकर पधारो जरा
पारंपरिक
महादेव
1457
सब भक्तों के हो साथ साथ
पारंपरिक
महादेव
1458
तुम झूलो राधे रानी आज हमारे आंगन में
पारंपरिक
महादेव
1459
हे शिव शम्भू कल्याण करो
पारंपरिक
महादेव
1460
गले सर्पो के हार सिर गंगा की धार महादेवा
पारंपरिक
महादेव
1461
पूजा करे संसार
पारंपरिक
महादेव
1462
शंकर का डमरू बाजे रे
मृदुल कृष्ण गोस्वामी जी महाराज
महादेव
1463
डमरु वजावे मेरा भोला
पारंपरिक
महादेव
1464
इतनी सुंदर है माँ तेरी नज़रे
पारंपरिक
महादेव