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1849
मेरे राम राइ, तूं संता का संत तेरे - गुरुवाणी शब्द कीर्तन
गुरु नानक देव जी
श्री राम
1850
हमारे हैं श्री गुरुदेव, हमें किस बात की चिंता
संत रविदास
श्री राम
1851
पतित पावन राम - अवधपुरी आनंद संकीर्तन
गुरु नानक देव जी
श्री राम
1852
सिया जी से पूछ रहे अंजनी के लाला
पारंपरिक
श्री राम
1853
राघवेंद्र सरकार - भक्ति मुक्ति दाता विनय पद
पारंपरिक भजन
श्री राम
1854
रघुपति राघव - करुणा निधान भजन
संत तुलसीदास
श्री राम
1855
अंजनीसुत केसरी नंदन ने
पारंपरिक
श्री राम
1856
राम के रंग में रंगा हुआ है, अंजनीसुत बजरंग बाला
पारंपरिक
श्री राम
1857
सूरत पे जाऊँ बलिहार, बाबा तेरी, सूरत पे जाऊ बलिहार
संत सूरदास
श्री राम
1858
कौन लंका जला पाता
संत सूरदास
श्री राम
1859
मुझे तूने मालिक, बहुत कुछ दिया है
पारंपरिक
श्री राम
1860
सीतापति राम - शरणागत वत्सल कीर्तन
अब्दुर्रहीम ख़ानख़ाना
श्री राम
1861
शंकर चौड़ा रे
पारंपरिक
श्री राम
1862
कौशल्या नंदन - भवभय तारनहार स्तुति
संत कबीर
श्री राम
1863
बाबा मेरे जगन्नाथ तेरा चर्चा हो ग्या रे
पारंपरिक
श्री राम
1864
खेड़ापति मंदिर में म्हारा बालाजी विराजे
पारंपरिक
श्री राम
1865
पतित पावन राम - सकल संकट हरण संकीर्तन
संत तुकाराम
श्री राम
1866
शंभु, पैयाँ पड़ूँ - शिव भजन
पारंपरिक
श्री राम
1867
पकड़ लो बाँह रघुराई, नहीं तो डूब जाएँगे
पारंपरिक
श्री राम
1868
श्रीमन नारायण नारायण हरी हरी.. भजन
पारंपरिक
श्री राम
1869
हरि नाम नहीं तो जीना क्या
पारंपरिक
श्री राम
1870
सारे जहाँ के मालिक तेरा ही आसरा है
पारंपरिक
श्री राम
1871
जहाँ ले चलोगे, वही मैं चलूँगा
पारंपरिक
श्री राम
1872
राघवेंद्र सरकार - सदा सहाई रूप विनय पद
संत सूरदास
श्री राम