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2065
फागण का चढ़ा रंग पारंपरिक
श्री कृष्ण
2066
धड़कनो में बसा है श्याम मेरा पारंपरिक
श्री कृष्ण
2067
रंग रंगीला फागण आया पारंपरिक
श्री कृष्ण
2068
जबसे तुम्हे पाया पारंपरिक
श्री कृष्ण
2069
बाहर आ जाओ बांके बिहारी होली होगी हमारी तुम्हारी पारंपरिक
श्री कृष्ण
2070
खाटू नगरी में रंगों की बरसात हो गई पारंपरिक
श्री कृष्ण
2071
सावरिया धोखे बाज़ पारंपरिक
श्री कृष्ण
2072
खाटू की गालिया सजी पारंपरिक
श्री कृष्ण
2073
मैं होरी में जाउंगी पारंपरिक
श्री कृष्ण
2074
किया बड़ा उपकार मुरली वाले ने पारंपरिक
श्री कृष्ण
2075
होली खेले नन्द लाला पारंपरिक
श्री कृष्ण
2076
खाटू वाले श्याम धनि तेरे दर पे रौनक हो रही से पारंपरिक
श्री कृष्ण
2077
श्याम मेरा है मैं चाहत करू मैं तेरी पारंपरिक
श्री कृष्ण
2078
सारी दुनिया दीवानी है श्याम की पारंपरिक
श्री कृष्ण
2079
झाला देवो म्हारा श्याम धनि ने बोलू जय जय कार पारंपरिक
श्री कृष्ण
2080
होरी में मत कर बरजोरी ओ बाँके छैल छबिले पारंपरिक
श्री कृष्ण
2081
मेला फागुन का आया है हमे श्याम ने बुलाया है पारंपरिक
श्री कृष्ण
2082
फागण आ गयो रे खाटू नगरी में सज गयो बाबो रे पारंपरिक
श्री कृष्ण
2083
देवा ओ देवा पारंपरिक
श्री कृष्ण
2084
खाटू श्याम तेरी नगरी पसंद आई गई पारंपरिक
श्री कृष्ण
2085
तेरा रंग रूप निखर जायगो पारंपरिक
श्री कृष्ण
2086
मेरी मटकी पर नज़र मत डाले रसिया पारंपरिक
श्री कृष्ण
2087
मेरे मुरली वाले श्याम मेरे घर आ जाना पारंपरिक
श्री कृष्ण
2088
होली खेलन खाटू जायेगे पारंपरिक
श्री कृष्ण