दिखा रहे हैं 24 भजन (पृष्ठ 79 / 950, कुल 22,784 भजनों में से)
1873
छोड़ बैकुंठ को खाटू में श्याम आये हैं
पारंपरिक
श्री कृष्ण
1874
तेरे बिना हमतो कुछ भी नहीं है
पारंपरिक
श्री कृष्ण
1875
मेलो श्याम धनि को लागे भगतो
पारंपरिक
श्री कृष्ण
1876
गजबण खाटू नै चाली
पारंपरिक
श्री कृष्ण
1877
श्याम तेरी तिरछी नजर कमाल रे
पारंपरिक
श्री कृष्ण
1878
श्याम सिंघासन हिलता है
पारंपरिक
श्री कृष्ण
1879
आजा रे आजा मेरे सांवरियां
पारंपरिक
श्री कृष्ण
1880
बाबा बनवाड़े खाटू में घर परमानेंट
पारंपरिक
श्री कृष्ण
1881
दिल तो प्यारा है मगर दिल से भी प्यारा तू है
पारंपरिक
श्री कृष्ण
1882
मैं बड़ी दूर ते आयी,मैं हरियाणा ते आयी
भीमसेन जी
श्री कृष्ण
1883
कोई और नही है सहारा
-विजय डिडवानिया
श्री कृष्ण
1884
कोई पकड़ के मेरा हाथ रे मोहे वृन्दावन पहुंच देओ
पारंपरिक
श्री कृष्ण
1885
कदे बनके परोना आ श्यामा
पारंपरिक
श्री कृष्ण
1886
जबसे खाटू में हम आने जाने लगे
पारंपरिक
श्री कृष्ण
1887
हाल सुनलो मेरा तुम अगर सँवारे
पारंपरिक
श्री कृष्ण
1888
अपना कोई नहीं अपना तो श्याम संवारा
पारंपरिक
श्री कृष्ण
1889
आया फागुन का त्यौहार
पारंपरिक
श्री कृष्ण
1890
तू थोड़ी जल्दी आ तू लीले चढ़ के आ
पारंपरिक
श्री कृष्ण
1891
तू राधे राधे बोल वे ना जिंदड़ी नु रोल वे
पारंपरिक
श्री कृष्ण
1892
रे राधा तने कहा लगा दी देर
पारंपरिक
श्री कृष्ण
1893
चलो निशान लेके श्याम जी के
पारंपरिक
श्री कृष्ण
1894
जादू कर गए रे नैना काले काले
पारंपरिक
श्री कृष्ण
1895
फागण आयो
पारंपरिक
श्री कृष्ण
1896
श्याम तेरी तिरछी नजर कमाल
पारंपरिक
श्री कृष्ण