दिखा रहे हैं 24 भजन (पृष्ठ 76 / 950, कुल 22,784 भजनों में से)
1801
मंदरिये में आके थारे संवारा
पारंपरिक
श्री कृष्ण
1802
गोबिन्द कबहुं मिलै पिया मेरा
मीरा बाई
श्री कृष्ण
1803
अपने कान्हा की सुन लो शिकायत
पारंपरिक
श्री कृष्ण
1804
लागी रे सांई लगन तेरे नाम की
पारंपरिक
श्री कृष्ण
1805
जो मिट गए मेरे देश पे
पारंपरिक
श्री कृष्ण
1806
मनमोहन कान्हा विनती करू दिन रेन
पारंपरिक
श्री कृष्ण
1807
इक तू है इक तू है इक तू ही तो है
पारंपरिक
श्री कृष्ण
1808
तू माफ़ करी मेरिया खतावा
पारंपरिक
श्री कृष्ण
1809
श्री राधे होगी मेहरबानी
पारंपरिक
श्री कृष्ण
1810
तुमसे इतना प्यार मिला
पारंपरिक
श्री कृष्ण
1811
मुझे तुमसे मिला है प्यार
पारंपरिक
श्री कृष्ण
1812
ताती वाहो ना लगीये
पारंपरिक
श्री कृष्ण
1813
कान्हा रे कान्हा तुझे किस ने है जाना
पारंपरिक
श्री कृष्ण
1814
तेरी मीरा बन के जी लुंगी
पारंपरिक
श्री कृष्ण
1815
ओ मेरे कृष्णा
पारंपरिक
श्री कृष्ण
1816
प्रभु आप जगो (प्रार्थना)
परम् पूज्या संत करुणामयी गुरु माँ
श्री कृष्ण
1817
मेरी अर्जी पे मर्जी लगा दे
पारंपरिक
श्री कृष्ण
1818
श्याम रूप थारो दिल में समा गयो
पारंपरिक
श्री कृष्ण
1819
गुजरी क्या होगी उस माँ के दिल पर
पारंपरिक
श्री कृष्ण
1820
इतना तो करो स्वामी
पारंपरिक
श्री कृष्ण
1821
फूलों में सज रहे हैं श्री वृन्दावन बिहारी
विनोद अग्रवाल
श्री कृष्ण
1822
ले गयी रे हमरो चितचोर कन्हैया तेरी बंसुरिया
पारंपरिक
श्री कृष्ण
1823
विनती मेरी सुन लो
पारंपरिक
श्री कृष्ण
1824
ग्यारस की रात है वाह वाह क्या बात है
पारंपरिक
श्री कृष्ण